गैंग लीडर नौबत यादव सहित तीन पर मुकदमा, सैटेलाइट बस स्टैंड हत्या कांड से खुली परतें
बरेली। जिले में दहशत फैलाने वाले कुख्यात आपराधिक गिरोह D-257/25 के खिलाफ थाना बारादरी पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कड़ा शिकंजा कस दिया है। प्रभारी निरीक्षक धनन्जय कुमार पांडेय की ओर से दी गई सूचना जुबानी के आधार पर गैंग लीडर नौबत यादव और उसके दो सक्रिय सदस्यों संतोष मौर्या व दिनेश यादव के विरुद्ध मु.अ.सं. 1441/25 धारा 2(ख)(1)/3(1) उ.प्र. गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) संशोधित अधिनियम 2015 में अभियोग पंजीकृत कर दिया गया है।
भीड़भाड़ वाले सैटेलाइट बस स्टैंड पर दिनदहाड़े हत्या
गैंग द्वारा 11 फरवरी 2025 को सैटेलाइट बस स्टैंड पर अनूज पांडेय की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना इतनी संगठित और बेखौफ तरीके से की गई कि क्षेत्र में भारी सनसनी फैल गई। इस मामले में थाना बारादरी में मु.अ.सं. 136/2025 धारा 191(2)/191(3)/190/103(1)/109 BNS में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। जांच में गैंग सदस्य संतोष मौर्या का नाम सामने आया, जिस पर बाद में BNS धारा 61(2) की वृद्धि की गई।
पुलिस मुठभेड़ के बाद गैंग लीडर जेल में
13 फरवरी 2025 को पुलिस मुठभेड़ में गैंग लीडर नौबत यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इस संबंध में मु.अ.सं. 139/2025 धारा 109 BNS व 3/25/27 Arms Act दर्ज किया गया। वहीं, स्वतंत्र साक्ष्यों के आधार पर अन्य नाम राजन, कामदेव, नन्हे बाबू, इशरार व सुनील कश्यप को विवेचना में गलत पाते हुए बाहर कर दिया गया।
तीनों आरोपितों के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत में
विवेचना पूरी होने पर नौबत यादव के विरुद्ध धारा 103(1), 109 BNS व 3/25/27 Arms Act,संतोष मौर्या के विरुद्ध धारा 103(1), 109, 61(2) BNS,दिनेश यादव के विरुद्ध धारा 103(1), 109 BNS के आरोप पत्र अदालत ACJM-1 (Commit), बरेली में दाखिल हैं।
गैंग के सभी सदस्यों का आपराधिक इतिहास
1. गैंग लीडर नौबत यादव: 136/2025 -103(1)/109 BNS व 3/25/27 Arms Act,139/2025 -109 BNS व 3/25/27 Arms Act,46/2024 -323/325/504/506
579/2024 – 115(2)/333/351(2)/352 BNS
295/2024 – 323/504/506
394/2023 – 3/25 Arms Act
2. सदस्य-दिनेश यादव:136/2025 – 103(1)/109/61(2) BNS व 3/25/27 Arms Act 859/2025 – 3/25 Arms Act
3. सदस्य-संतोष मौर्या:136/2025 – 103(1)/109/61(2) BNS व 3/25/27 Arms Act 185/2023 – 392 IPC
गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई क्यों जरूरी?
पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरोह आर्थिक लाभ के लिए सरेआम हत्या जैसी संगीन वारदातें करता है।जिले में दहशत, भय और आतंक फैलाता है।कई जनपदों में सक्रिय है।इन गतिविधियों को उ.प्र. गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 2(ख)(1) व 3(1) में संगठित अपराध माना गया है।
इसी के आधार पर पुलिस ने नोडल अधिकारी SP Crime, SSP बरेली व जिलाधिकारी बरेली से अनुमोदन लेकर गैंगचार्ट दाखिल किया है।
Author: विकास यादव
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