अस्थायी कर्मचारियों ने पीएम को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा, शहरव्यापी विचार गोष्ठी की घोषणा
बरेली। बरेली कॉलेज को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने और वर्षों से कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों के समायोजन की मांग ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। कर्मचारी कल्याण सेवा समिति (पंजीकृत) बरेली कॉलेज के बैनर तले अस्थायी कर्मचारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन अपर उपजिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को सौंपा।
जनहित से जुड़ी बताई दोनों मांगें
समिति के अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पहुंचे कर्मचारियों ने ज्ञापन में कहा कि बरेली कॉलेज ऐतिहासिक और शैक्षिक दृष्टि से महत्वपूर्ण संस्थान है, जिसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जाना चाहिए। इससे न केवल उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र के हजारों छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे। साथ ही, वर्षों से सेवा दे रहे अस्थायी कर्मचारियों के समायोजन की मांग को भी जनहित का मुद्दा बताया गया। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से नियमितीकरण न होने से वे आर्थिक और सामाजिक असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।
विचार गोष्ठी कर बनाएंगे माहौल
अध्यक्ष जितेंद्र मिश्रा ने बताया कि अगले महीने इस मुद्दे पर एक विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें शहर के समाजसेवी संगठनों, बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों को आमंत्रित किया जाएगा, ताकि व्यापक स्तर पर समर्थन जुटाया जा सके।
मांगें न मानी गईं तो भूख हड़ताल
समिति के सचिव हरीश मौर्य ने चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान शिक्षणेत्तर कर्मचारी संयुक्त परिषद बरेली के जिलाध्यक्ष हरीशंकर, रामौतार, अमित शर्मा, सुनील सहित कई कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों की इस पहल से कॉलेज परिसर और शिक्षा जगत में हलचल तेज हो गई है। अब निगाहें शासन-प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
Author: विकास यादव
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