श्रुति गंगवार, धर्मपाल सिंह और प्रियंका सिंह रावत के नाम से जिले की सियासी नुमाइंदगी को मिली नई रफ्तार
(अमित शर्मा) बरेली/लखनऊ। उत्तर प्रदेश की सियासत में बरेली की अहमियत सोमवार को उस वक्त और बढ़ गई, जब भाजपा ने राज्यसभा चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम का एलान किया। सूची में बरेली से जुड़े तीन स्थानीय चेहरों—श्रुति गंगवार, धर्मपाल सिंह और प्रियंका सिंह रावत को जगह मिली है। एक ही जिले से तीन लोगों को राज्यसभा के लिए उम्मीदवार बनाया जाना बरेली के सियासी सफर में अहम पड़ाव माना जा रहा है। इसे संगठन में जिले की बढ़ती पैठ और भाजपा के भरोसे की नई तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है।
श्रुति गंगवार बरेली की निवासी हैं और झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी हैं। पार्टी में सक्रिय श्रुति विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी थीं। राज्यसभा की उम्मीदवारी ने उन्हें राष्ट्रीय सियासत के फलक पर ला खड़ा किया है।
वहीं धर्मपाल सिंह आंवला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं और प्रदेश सरकार में पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। संगठन और सरकार में लंबे अनुभव के चलते उनका नाम पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इतना ही नहीं प्रांतीय सिविल सेवा अधिकारी के रूप में सेवानिवृत्त उत्तम राम सिंह की बेटी प्रियंका सिंह रावत भी बरेली की रहने वाली हैं। वह बाराबंकी से 16वीं लोकसभा की सांसद रह चुकी हैं और भाजपा के संगठन में प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं। महिला नेतृत्व के प्रमुख चेहरों में शुमार प्रियंका की राज्यसभा उम्मीदवारी ने बरेली की सियासी नुमाइंदगी को और विस्तार दिया है।
राजनीतिक तौर पर देखें तो एक ही जिले से तीन नामों का उभरना बरेली के लिए महज प्रतिनिधित्व नहीं, बल्कि सियासी रसूख और केंद्रीय संगठन में बढ़ती तवज्जो का संकेत भी है।













