टेट्रा पैक से लेकर बोतलों तक की जांच, स्टॉक और क्यूआर कोड खंगाले; पीओएस मशीन से शत-प्रतिशत बिक्री के निर्देश
बरेली। अवैध मदिरा के निर्माण और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए आबकारी विभाग ने मंगलवार को फुटकर शराब की दुकानों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया। विभागीय अधिकारियों की कार्रवाई से दुकानदारों में खलबली मची रही। टीम ने दुकानों में उपलब्ध शराब के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने के साथ टेट्रा पैक और बोतलों के लेबल, सील तथा क्यूआर कोड की बारीकी से जांच की।
उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार अग्रवाल के निर्देशन और प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी हुकुम सिंह के नेतृत्व में यह अभियान चलाया गया। आबकारी निरीक्षक सेक्टर- 1 नीरज तिवारी और सेक्टर- 2 महेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न फुटकर आबकारी दुकानों का निरीक्षण कर अभिलेखों और उपलब्ध मदिरा के स्टॉक का मिलान किया। जांच का उद्देश्य शराब की गुणवत्ता, प्रामाणिकता और निर्धारित नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना रहा।
इस दौरान देशी शराब की दुकानों पर विभिन्न श्रेणियों की मदिरा की बिक्री में उनके योगदान की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने दुकानदारों और विक्रेताओं को ग्रेन आधारित यूपीएमएल के 100 मिलीलीटर टेट्रा पैक को शोकेस में प्रदर्शित करने के निर्देश दिए। साथ ही स्पष्ट किया कि शराब की बिक्री निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर ही की जाए। अधिकारियों ने पीओएस मशीनों के माध्यम से मदिरा की शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। विभाग ने नियमों का पालन करने और बिक्री प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए।













