21,672 वोट पाकर फिर बने शिक्षक एमएलसी, सपा के दानिश अख्तर को 17,676 मतों से हराया; 3,183 मत निरस्त
बरेली। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा समर्थित डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। पांचवें राउंड की मतगणना पूरी होते ही उनकी जीत पर मुहर लग गई। ढिल्लो को कुल 21,672 वोट मिले, जबकि सपा समर्थित हाजी दानिश अख्तर 3,996 मतों पर सिमट गए। दोनों प्रत्याशियों के बीच जीत का अंतर 17,676 वोट रहा। इस नतीजे के साथ ही शिक्षक एमएलसी चुनाव में लगातार दो बार जीत दर्ज करने का 36 साल पुराना सिलसिला फिर कायम हो गया।
मतगणना की शुरुआत से ही डॉ. ढिल्लो बढ़त बनाए रहे। पहले राउंड में उन्हें 5,251 वोट मिले, जबकि दानिश अख्तर को 816 मत प्राप्त हुए। दूसरे राउंड में भी ढिल्लो का पलड़ा भारी रहा। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, दोनों प्रत्याशियों के बीच अंतर बढ़ता गया। तीसरे राउंड तक ढिल्लो को 12,248 मत मिल चुके थे, जबकि सपा प्रत्याशी को 2,742 वोट प्राप्त हुए। अंतिम राउंड में भी बढ़त बरकरार रहने के बाद उन्हें विजयी घोषित कर दिया गया।
शिक्षकों के समर्थन को बताया जीत की वजह
जीत के बाद डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत जीत नहीं, बल्कि शिक्षक साथियों के विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मुद्दों को लगातार उठाने और उनकी मांगों के लिए प्रयास करने का परिणाम चुनाव में मिला है। पांच लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा, ऑनलाइन परीक्षा सहित शिक्षकों से जुड़े दूसरे मुद्दों को उन्होंने प्रमुखता से उठाया। ढिल्लो ने कहा कि आगे भी शिक्षकों की समस्याओं और सुविधाओं के लिए उनकी आवाज उठाते रहेंगे। विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि उन्हें भरोसा था कि शिक्षक अपने मतों के माध्यम से जवाब देंगे।
36 साल बाद फिर दोहराया गया इतिहास
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के इतिहास में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने का सिलसिला करीब 36 साल बाद फिर चर्चा में आ गया है। वर्ष 1972 से 2008 के बीच हुए आठ चुनावों में रमेश चंद्र शर्मा उर्फ विकट, केशव कुमार शर्मा, रामबाबू शास्त्री और सुभाष चंद्र शर्मा दो-दो बार एमएलसी निर्वाचित हुए थे। अब डॉ. हरि सिंह ढिल्लो भी इस सूची में शामिल हो गए हैं।
3,183 मत निरस्त, 17 प्रत्याशी मैदान में थे
चुनाव में कुल 17 प्रत्याशियों ने अपनी किस्मत आजमाई। मतगणना में तकनीकी कारणों से 3,183 मत निरस्त घोषित किए गए। डॉ. सूनीत गिरी को 2,145 और गुरु जी संजय कुमार मिश्र को 981 वोट मिले। विमलेन्द्र कुमार को 622 तथा कैप्टन डॉ. राजीव कुमार चौहान को 450 मत प्राप्त हुए। बाकी प्रत्याशियों को इससे कम वोट मिले।
आयुक्त और डीएम की निगरानी में हुई मतगणना
मतगणना सुबह कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। मंडलायुक्त शंभू कुमार और जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने व्यवस्थाओं की निगरानी की, जबकि एसएसपी अनुराग आर्य सुरक्षा इंतजाम संभालते रहे। स्ट्रॉन्ग रूम खुलने के बाद मतपत्रों की छंटाई और बंडल बनाने की प्रक्रिया पूरी कर आठ टेबलों पर मतगणना कराई गई। प्रत्येक टेबल पर माइक्रो ऑब्जर्वर, सुपरवाइजर और सहायक कर्मचारी तैनात रहे। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर प्रतिबंध लगाया गया था।
मतगणना के तीसरे राउंड में टेबल नंबर पांच और सात पर गिनती को लेकर विवाद भी हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं ने काउंटिंग में गड़बड़ी का आरोप लगाया, जिससे कुछ देर माहौल गरमा गया। वहीं, जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बताते हुए सभी प्रत्याशियों के सहयोग की सराहना की। देर रात मतगणना पूरी होने के बाद परिणाम घोषित कर दिया गया।













