ओपीडी से दवा काउंटर और इमरजेंसी तक पहुंचे मंडलायुक्त, मरीजों से सीधे पूछा- कहां आ रही परेशानी,मौके पर पसीना पोछते नजर आए सीएमओ
बरेली। जिला अस्पताल में मंगलवार सुबह मंडलायुक्त शंभू कुमार के अचानक पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई। बिना पूर्व सूचना पहुंचे मंडलायुक्त ने ओपीडी से लेकर दवा वितरण केंद्र और इमरजेंसी तक व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिला अस्पताल की मिल रही शिकायतों पर मंगलवार को
निरीक्षण का सबसे अहम पहलू यह रहा कि उन्होंने अधिकारियों की रिपोर्ट पर निर्भर रहने के बजाय मरीजों और तीमारदारों से सीधे बातचीत कर अस्पताल की जमीनी हकीकत जानने की कोशिश की।
ओपीडी में मंडलायुक्त ने मरीजों की भीड़, पंजीकरण और उपचार व्यवस्था देखी। उन्होंने चिकित्सकों से मरीजों के इलाज की स्थिति की जानकारी ली और इसके बाद मरीजों से पूछा कि डॉक्टर को दिखाने में कितना समय लग रहा है और उपचार के दौरान उन्हें किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही। मरीजों से मिले फीडबैक को उन्होंने गंभीरता से लिया और अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
इसके बाद मंडलायुक्त दवा वितरण केंद्र पहुंचे। यहां उन्होंने दवाओं के वितरण की व्यवस्था देखी और काउंटर पर खड़े मरीजों से सीधे बातचीत की। दवा मिलने में किसी तरह की दिक्कत, अनावश्यक इंतजार अथवा दूसरी परेशानी के बारे में जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरीजों को दवा के लिए इधर-उधर भटकना न पड़े और वितरण व्यवस्था व्यवस्थित रखी जाए।
इमरजेंसी में भी मंडलायुक्त ने उपचार व्यवस्था और उपलब्ध सुविधाओं की पड़ताल की। स्वास्थ्यकर्मियों से जानकारी लेने के साथ मरीजों से इलाज की स्थिति पूछी। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को लगातार निगरानी और तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
मंडलायुक्त के औचक निरीक्षण ने जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारों की जवाबदेही भी बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों पर महज निर्देश जारी होते हैं या अस्पताल की व्यवस्थाओं में वास्तविक बदलाव भी दिखाई देता है।
निरीक्षण के दौरान सीएमएस डॉ. आरके दीक्षित, सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।














