बरेली। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में चल रही उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के विकास कार्यों से लेकर कानून-व्यवस्था तक हर अहम मुद्दे पर गहन मंथन हो रहा है। बैठक में जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच विभागवार प्रगति रिपोर्ट पेश की जा रही है। माना जा रहा है कि समीक्षा के बाद कई विभागों को लेकर बड़े निर्देश जारी हो सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, उपमुख्यमंत्री एक-एक विभाग की प्रगति का बारीकी से परीक्षण कर रहे हैं। जिन योजनाओं की रफ्तार धीमी है या जो परियोजनाएं लंबे समय से अधूरी पड़ी हैं, उन पर संबंधित अधिकारियों से सीधे जवाब मांगे जा रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने और जनता तक उनका लाभ हर हाल में पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
बैठक में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े सड़क, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, सिंचाई, नगर विकास, ग्रामीण विकास, राजस्व और लोक निर्माण विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की समीक्षा की जा रही है। साथ ही कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जन शिकायतों के त्वरित निस्तारण और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन की भी गहन पड़ताल हो रही है।
बैठक में मेयर डॉ. उमेश गौतम, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, बिथरी चैनपुर विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद हैं। प्रशासनिक स्तर पर मंडलायुक्त भूपेंद्र एस. चौधरी, जिलाधिकारी अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य और सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी अपनी-अपनी विभागीय रिपोर्ट के साथ बैठक में शामिल हैं।
बैठक को जिले की विकास योजनाओं की दिशा तय करने वाली अहम समीक्षा माना जा रहा है। अधिकारियों की कार्यप्रणाली, अधूरी परियोजनाओं की प्रगति और जनहित से जुड़े मामलों पर उपमुख्यमंत्री के रुख पर सभी की निगाहें टिकी हैं। बैठक समाप्त होने के बाद कई महत्वपूर्ण फैसलों और सख्त निर्देशों की घोषणा होने की संभावना है।












