15 जून से 30 सितंबर तक नदियों में मछली पकड़ने पर सख्त रोक, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई

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डीएम अविनाश सिंह का आदेश, प्रजनन काल में मछलियों के संरक्षण के लिए चलेगा अभियान

बरेली। जिले की नदियों में अब मछली पकड़ना महंगा पड़ सकता है। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने मछलियों के प्रजनन काल को देखते हुए सख्त आदेश जारी कर दिया है। आदेश के अनुसार प्रतिबंधित अवधि में नदियों में मछली का शिकार करने और मछली के बीज (जीरा, फ्राई व फिंगरलिंग) पकड़ने पर पूरी तरह रोक रहेगी। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम-1948 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

डीएम ने बताया कि वर्षा ऋतु मछलियों के प्रजनन का समय होता है। इस दौरान कतला, रोहू, नैन समेत कई प्रजातियां नदियों में अंडे देती हैं। इन्हीं प्रजातियों के संरक्षण और मत्स्य संपदा बढ़ाने के उद्देश्य से यह प्रतिबंध लागू किया गया है।

आदेश के मुताबिक 15 जुलाई से 30 सितंबर 2026 तक मछली के जीरा, फ्राई और फिंगरलिंग पकड़ना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। वहीं प्रतिबंधित अवधि में नदियों में मछली का शिकार भी वर्जित रहेगा।

डीएम ने मत्स्य विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीमों को नियमित चेकिंग के निर्देश दिए हैं। निरीक्षक स्तर से नीचे का कोई अधिकारी कार्रवाई नहीं करेगा। अभियान के दौरान यदि कोई व्यक्ति नदियों में मछली पकड़ते या मत्स्य बीज निकालते हुए मिला, तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने मछुआरों और आम लोगों से अपील की है कि वे प्रतिबंध का पालन करें और मछलियों के संरक्षण में सहयोग करें। इससे भविष्य में मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा और जल संसाधनों का संतुलन भी बना रहेगा।

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