बरेली। बरेली एयरपोर्ट पर बुधवार दोपहर अचानक बम होने की सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। टर्मिनल भवन में अफरातफरी का माहौल बन गया और कुछ ही मिनटों में पूरा एयरपोर्ट हाई अलर्ट पर पहुंच गया। हालांकि, करीब 37 मिनट तक चले इस हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के बाद स्पष्ट हुआ कि यह किसी वास्तविक खतरे का मामला नहीं, बल्कि सुरक्षा तैयारियों को परखने के लिए आयोजित बॉम्ब थ्रेट मॉक ड्रिल थी।
दोपहर 3:03 बजे टर्मिनल भवन में बम होने की काल्पनिक सूचना मिलते ही एयरपोर्ट की बॉम्ब थ्रेट असेसमेंट कमेटी (BTAC) सक्रिय हो गई। सूचना मिलते ही मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू करते हुए सभी संबंधित सुरक्षा और आपातकालीन एजेंसियों को तत्काल अलर्ट कर दिया गया।
इसके बाद यूपीएसएसएफ, बम निरोधक दस्ता, एयरपोर्ट प्रबंधन, एयरलाइन प्रतिनिधि, चिकित्सा टीम, अग्निशमन सेवा और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया। पूरे टर्मिनल भवन को सुरक्षा घेरे में लेकर संदिग्ध वस्तु की तलाश की गई। निर्धारित प्रक्रिया के तहत संदिग्ध वस्तु को सुरक्षित तरीके से टर्मिनल भवन से बाहर निकालकर कूलिंग पिट में ले जाया गया, जहां उसे सफलतापूर्वक निष्प्रभावी किया गया।
करीब 37 मिनट तक चले इस अभ्यास के बाद दोपहर 3:40 बजे टर्मिनल भवन को पूरी तरह सुरक्षित घोषित कर दिया गया और एयरपोर्ट का सामान्य संचालन बहाल कर दिया गया।
मॉक ड्रिल के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया, संचार प्रणाली और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की बारीकी से जांच की गई। अभ्यास समाप्त होने के बाद डी-ब्रीफिंग सत्र आयोजित कर पूरे अभियान की समीक्षा की गई और भविष्य में किसी भी वास्तविक आपात स्थिति से अधिक प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा की गई।
एयरपोर्ट डायरेक्टर अवधेश अग्रवाल ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा एयरपोर्ट प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से समय-समय पर इस तरह की मॉक ड्रिल आयोजित कर सभी सुरक्षा एजेंसियों की तैयारियों, आपसी समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता का परीक्षण किया जाता है। उन्होंने बताया कि बुधवार को आयोजित बॉम्ब थ्रेट मॉक ड्रिल पूरी तरह सफल रही और सभी एजेंसियों ने निर्धारित समय के भीतर अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन किया। डी-ब्रीफिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा किसी भी संभावित आपात स्थिति में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप तेज, समन्वित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक सुझावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।












