पार्षद राजेश अग्रवाल ने नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर एक अप्रैल 2014 से ब्याज माफी की मांग की
बरेली। एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को लेकर नगर निगम पर सवाल उठने लगे हैं। पार्षद राजेश अग्रवाल ने शुक्रवार को नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य को ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि योजना के प्रचार-प्रसार पर लाखों रुपये खर्च किए गए, लेकिन करदाताओं को ब्याज माफी के नियम ठीक से नहीं बताए गए। उन्होंने सभी गृहस्वामियों को एक अप्रैल 2014 से ब्याज माफी का लाभ देने की मांग की।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि अगस्त में शुरू हुई ओटीएस योजना के प्रचार में समाचार पत्रों और अन्य माध्यमों का इस्तेमाल किया गया, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि ब्याज माफी किस वित्तीय वर्ष से मिलेगी। उनका आरोप है कि ऑनलाइन आवेदन में केवल तीन साल के ब्याज की माफी का विकल्प दिया जा रहा है। एक अप्रैल 2014 से ब्याज माफी का विकल्प ऑनलाइन आवेदन में नहीं दिया गया है।
पार्षद के मुताबिक, बोर्ड बैठक में भी ब्याज माफी का मुद्दा उठाया गया था। उस समय अधिकारियों ने पुराने रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने की बात कही थी। इसके बाद बोर्ड में एक अप्रैल 2014 से ब्याज माफी का लाभ देने की बात कही गई थी और अधिकारियों ने भी सहमति जताई थी। इसके बावजूद अब इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि विरोध के बाद निगम ने व्यवस्था बनाई कि जो गृहस्वामी लिखित में एक अप्रैल 2014 से योजना का लाभ मांगेंगे, उन्हें उसी आधार पर ब्याज में छूट दी जाएगी। वहीं, ऑनलाइन आवेदन करने वाले करदाताओं को तीन साल की छूट मिलने के बाद यह कहकर वापस किया जा रहा है कि उन्होंने आवेदन में तीन साल की ब्याज माफी का विकल्प चुना था।
राजेश अग्रवाल ने कहा कि योजना शुरू हुए करीब 25 दिन हो चुके हैं, लेकिन अभी तक गिने-चुने करदाताओं को ही इसका लाभ मिल पाया है। उन्होंने मांग की कि ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन के आधार पर कोई भेदभाव न किया जाए और सभी पात्र करदाताओं को एक अप्रैल 2014 से ब्याज माफी का लाभ दिया जाए।














