सपा की पीडीए चौपाल में भाजपा पर बरसे एमएलसी, बोले- धर्म नहीं, शिक्षा, रोजगार और महंगाई हों चुनाव के मुद्दे
बरेली। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी ने कश्यप समाज के बीच अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने की कवायद तेज कर दी है। शनिवार को आयोजित पीडीए चौपाल और कैडर सम्मेलन में सपा एमएलसी किरन पाल कश्यप ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कश्यप समाज पूरी तरह पीडीए के साथ है और 2027 में भाजपा का सफाया तय है। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा की सरकार बनाने के लिए कार्यकर्ताओं से अभी से जुटने का आह्वान किया।
एमएलसी किरन पाल कश्यप ने कहा कि उनके लिए टिकट से ज्यादा पार्टी की विचारधारा महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत किया जाए और लोगों के बीच जाकर सपा की नीतियां बताई जाएं। उन्होंने कहा कि चुनाव में धर्म के बजाय शिक्षा, रोजगार, महंगाई और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए।
उन्होंने भगवान श्रीराम और निषादराज के संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि निषाद समाज की श्रीराम के प्रति आस्था पुरानी है। भाजपा पर धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है। राम मंदिर के चंदे और चढ़ावे को लेकर भी उन्होंने भाजपा को घेरा। कार्यक्रम की अध्यक्षता सपा जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने की। उन्होंने कहा कि कश्यप समाज जो ठानता है, उसे पूरा करके दिखाता है। 2027 में समाज पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा। बहेड़ी विधायक एवं प्रदेश महासचिव अता-उर-रहमान ने कहा कि सम्मेलन में कश्यप समाज की बड़ी भागीदारी से पीडीए के प्रति समर्थन दिखाई दे रहा है। उन्होंने महंगाई और महंगी होती शिक्षा को लेकर सरकार पर निशाना साधा। महानगर अध्यक्ष शमीम खान सुल्तानी ने कहा कि सपा सामाजिक न्याय और समानता की लड़ाई लड़ रही है। पूर्व विधायक विजय पाल सिंह ने कार्यकर्ताओं से चुनाव की तैयारियों में जुटने की अपील की। आयोजक एवं पूर्व जिलाध्यक्ष शिवचरण कश्यप ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन सपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश प्रजापति ने किया। सम्मेलन में महापौर सुप्रिया ऐरन, राजकुमार पाल, सुरेंद्र सोनकर, जितेंद्र मुंडे, पीयूष वर्मा, अशोक यादव, धर्मपाल लोधी, आदेश यादव, नरेश सोलंकी, राजेश मौर्य, अनुज गंगवार, रामसेवक, जुल्फिकार अली बिट्टू, बृजेश श्रीवास्तव, दीपक वाल्मीकि, कमलेश ठाकुर, सीमा श्रीवास्तव, अविनाश मिश्रा, अतुल पराशरी, पन्ना लाल साहू, पप्पू कश्यप, संजीव कश्यप, नवीन कश्यप, टीकाराम कश्यप, मोहित कश्यप, राजवीर कश्यप, संतराम कश्यप, महेंद्र कश्यप, रामेंद्र कश्यप, जपला कश्यप और धर्मपाल कश्यप समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।














