बरेली। शहर के सबसे व्यस्त मॉलों में शामिल सिविल लाइंस स्थित सिटी सेंटर मॉल में हुए लिफ्ट हादसे ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी है। लिफ्ट अचानक बंद होने से तीन महिलाओं और तीन बच्चों समेत 13 लोग भीतर फंस गए। काफी देर तक लोग मदद के लिए पुकारते रहे, जिसके बाद किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया। घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और अब पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर दी गई है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित समिति में क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम, बरेली विकास प्राधिकरण के मुख्य नगर नियोजक, मुख्य अग्निशमन अधिकारी और विद्युत सुरक्षा विभाग के सहायक निदेशक को शामिल किया गया है। समिति हादसे के कारणों, सुरक्षा मानकों और संभावित लापरवाही की जांच करेगी।
क्या लिफ्ट मेंटेनेंस में हुई लापरवाही?
हादसे के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठने लगा है कि आखिर शहर के बड़े मॉल की लिफ्ट में ऐसी गंभीर तकनीकी खराबी कैसे आ गई। यदि समय रहते राहत नहीं मिलती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। जांच समिति इसी पहलू की भी पड़ताल करेगी।
प्रभावित लोग दे सकते हैं बयान
प्रशासन ने घटना से जुड़े लोगों से अपील की है कि यदि उनके पास कोई तथ्य, वीडियो, फोटो या अन्य साक्ष्य हैं तो वे 27 और 29 जून को नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय में प्रस्तुत कर सकते हैं। वहीं मॉल प्रबंधन को भी 29 जून तक अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं।
21 जून को हुआ था हादसा
गौरतलब है कि 21 जून को एडीएम कंपाउंड के सामने स्थित सिटी सेंटर मॉल की लिफ्ट अचानक खराब हो गई थी। लिफ्ट में फंसे लोगों में बच्चे और महिलाएं भी शामिल थीं। घटना के बाद मॉल की सुरक्षा व्यवस्था और उपकरणों के नियमित रखरखाव को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ तकनीकी खराबी थी या फिर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का नतीजा?













