बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रज़ा खां फाज़िले बरेलवी के 108वें उर्स-ए-रज़वी की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 6 अगस्त से शुरू होने वाले तीन दिवसीय उर्स को लेकर रविवार को उर्स स्थल मदरसा जामियातुर्रज़ा में अंतिम समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें जायरीनों की सुविधाओं और व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में बताया गया कि इस वर्ष भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा बांग्लादेश, नेपाल, श्रीलंका, सऊदी अरब, मॉरीशस, तुर्की, दक्षिण अफ्रीका, जिंबॉब्वे, अमेरिका, इंग्लैंड, जर्मनी, मिस्र, दुबई और हॉलैंड समेत कई देशों से बड़ी संख्या में अकीदतमंदों के बरेली पहुंचने की संभावना है।
उर्स प्रभारी सलमान मियां ने कहा कि जायरीनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ठहरने, भोजन और अन्य सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि वे आला हजरत के मेहमानों की सेवा में बढ़-चढ़कर सहयोग करें और अधिक से अधिक लंगर लगाए जाएं।
जमात रज़ा के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने बताया कि देश-विदेश से लगातार जायरीनों के आने की सूचनाएं मिल रही हैं, जिसके मद्देनजर व्यवस्थाओं को और मजबूत किया जा रहा है।
उर्स कोर कमेटी के डॉ. मेंहदी हसन ने बताया कि 7 और 8 अगस्त को सिटी स्टेशन से मदरसा जामियातुर्रज़ा तक 24 घंटे निशुल्क बस सेवा संचालित की जाएगी, ताकि जायरीनों को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो। बस सेवा का संचालन उर्स कोर कमेटी की निगरानी में किया जाएगा।
बैठक में सुरक्षा, यातायात, साफ-सफाई, पेयजल, वजू के लिए पानी, शौचालय, पंडाल, मंच, साउंड सिस्टम, सजावट और आवास व्यवस्था सहित सभी तैयारियों की समीक्षा की गई। आयोजकों का कहना है कि अधिकांश व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी हैं और शेष कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं, ताकि उर्स शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
बैठक का संचालन हाफिज इकराम रज़ा खां ने किया। इस दौरान समरान खान, डॉ. मेंहदी हसन, दानिश रज़ा, मोईन खान, शमीम अहमद, यासीन खान, कौसर अली, अब्दुल्लाह रज़ा खां, बख्तियार खान, मोईन अख्तर, गुलाम हुसैन, रेहान रज़ा, आतिफ मिर्जा, रहबर खान, अली रज़ा, सैफ रज़ा कादरी, नावेद आलम और शाइबउद्दीन रज़वी सहित कई पदाधिकारी व स्वयंसेवक मौजूद रहे।














