बरेली। उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी-टीईटी) के पहले दिन कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा राजनीतिक रैली के कारण लगे यातायात जाम की भेंट चढ़ गई। परीक्षा से वंचित रहे अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर दोबारा परीक्षा कराने अथवा वैकल्पिक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि वे निर्धारित समय से पहले अपने घरों से परीक्षा केंद्र के लिए निकले थे, लेकिन बदायूं रोड पर भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य की रैली के चलते लंबा जाम लग गया। जाम में वाहन फंसने से वे मनोहर भूषण इंटर कॉलेज, नैनीताल रोड स्थित परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से करीब दो मिनट की देरी से पहुंचे।
छात्रों का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पहुंचने के बावजूद उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया, क्योंकि निर्धारित प्रवेश समय समाप्त हो चुका था। उनका कहना है कि देरी उनकी लापरवाही से नहीं, बल्कि असामान्य यातायात बाधा के कारण हुई। ऐसे में उन्हें परीक्षा से वंचित करना उनके भविष्य के साथ अन्याय है।
प्रभावित अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपकर मांग की है कि उनके मामले पर मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए या उन्हें परीक्षा में शामिल होने का वैकल्पिक अवसर दिया जाए।
इस संबंध में एडीएम सिटी अविनाश त्रिपाठी ने स्पष्ट कहा कि अब इस मामले में कोई कार्रवाई संभव नहीं है। उनके अनुसार परीक्षा की सभी निर्धारित प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाती हैं। प्रवेश समय समाप्त होने के बाद बायोमेट्रिक सत्यापन समेत अन्य औपचारिकताएं पूरी हो चुकी थीं, इसलिए किसी भी अभ्यर्थी को बाद में प्रवेश नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थियों को संभावित यातायात व्यवधान को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त समय पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए था।
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