राज्यपाल का अल्टीमेटम: 15 दिन में सुधारो हॉस्टल, नहीं तो होगी कार्रवाई-दीक्षांत समारोह में कुलपति को लगाई कड़ी फटकार

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बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय के 24वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को खराब मौसम के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्रों को सफलता का मंत्र दिया, लेकिन विश्वविद्यालय की बदहाल व्यवस्थाओं पर कुलपति को जमकर फटकार भी लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 15 दिन के भीतर हॉस्टलों की सफाई और सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करके दिखाइए।

राज्यपाल ने कहा कि निरीक्षण के दौरान विश्वविद्यालय के नौ हॉस्टल अब तक शुरू नहीं मिले, हॉस्टलों में गंदगी थी, कपड़े धोने की मशीन तक नहीं लगी थी और खुले व्यायामशाला के उपकरण भी खराब मिले। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “दीक्षांत समारोह था, आपको नहीं लगा कि मैं आऊंगी और व्यवस्थाएं देखूंगी? मुझे बहुत बुरा लगा।”

“सफलता सहारे से नहीं, अपने फैसलों से मिलती है”

छात्रों को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सफलता किसी के सहयोग से नहीं, बल्कि अपने निर्णयों और मेहनत से मिलती है। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने, बड़े लक्ष्य तय करने और आत्मनिर्भर भारत, भारत में निर्माण तथा मुद्रा योजना जैसी योजनाओं का लाभ उठाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही भावुक संदेश देते हुए कहा कि माता-पिता ने कठिन परिस्थितियों में पढ़ाया-लिखाया है, इसलिए उन्हें कभी वृद्धाश्रम नहीं भेजना चाहिए।

62 प्रतिशत बेटियों ने हासिल की उपाधि

राज्यपाल ने बताया कि विश्वविद्यालय से अब तक 1 लाख 6 हजार 631 विद्यार्थियों को उपाधियां मिल चुकी हैं। इस बार उपाधि प्राप्त करने वालों में 62 प्रतिशत छात्राएं और 38 प्रतिशत छात्र हैं। उन्होंने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के मेधावी विद्यार्थियों का अलग-अलग विवरण भी मांगा।

गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की वैक्सीन पर दिया जोर

राज्यपाल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में गर्भाशय ग्रीवा कैंसर के मामले अधिक हैं। इसे देखते हुए बच्चियों को निःशुल्क एचपीवी टीका लगाया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि टीके को लेकर किसी भी तरह के भ्रम में न रहें।

82 स्वर्ण पदक, 104 पीएचडी और एक डी.लिट. की उपाधि

दीक्षांत समारोह में 82 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, 104 शोधार्थियों को पीएचडी और एक शोधार्थी को डी.लिट. की उपाधि प्रदान की गई। समारोह में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, राज्य मंत्री रजनी तिवारी, सांसद छत्रपाल गंगवार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

“डिग्री नहीं, जीवन की असली परीक्षा की शुरुआत”

सांसद छत्रपाल गंगवार ने कहा कि दीक्षांत का अर्थ पढ़ाई का अंत नहीं, बल्कि जीवन की असली परीक्षा की शुरुआत है। उन्होंने छात्रों से नई शिक्षा नीति का लाभ उठाकर समाज और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण

कुलपति प्रो. कृष्ण पाल सिंह ने बताया कि राज्यपाल ने विश्वविद्यालय परिसर में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही नए मार्ग और कृषि संकाय भवन का उद्घाटन किया गया। इस दौरान एचपीवी टीकाकरण अभियान, आंगनबाड़ी किट वितरण तथा गोद लिए गए गांवों के बच्चों की रचनाओं पर आधारित पुस्तक का भी विमोचन किया गया।

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