बरेली। शहर की रहने वाली पिंकी पाठक ने नगर निगम और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि नगर निगम ने उनकी संपत्ति के सार्वजनिक मार्ग को अवैध रूप से दीवार बनवाकर बंद करा दिया, जिससे उनके आने-जाने का रास्ता प्रभावित हो गया है।
पिंकी पाठक का कहना है कि जिस निर्माण को नगर निगम ने पहले अवैध बताते हुए 30 अप्रैल 2026 को ध्वस्त किया था, उसी स्थान पर अब दोबारा दीवार बनवा दी गई है। उनका आरोप है कि मौके पर पहुंचे नगर निगम के अधिकारियों ने भूमि को निजी बताते हुए निर्माण कराया, लेकिन न तो कोई आदेश दिखाया और न ही भूमि के निजी होने से संबंधित कोई दस्तावेज प्रस्तुत किया।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य का विरोध किया तो मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उनका आरोप है कि एक सब इंस्पेक्टर ने उनसे कहा कि जहां जाना है चले जाओ और निर्माण रुकवाने का आदेश दिखाओ। इसे लेकर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि यदि कोई कार्य अवैध है तो उसे रोकने के लिए अलग से आदेश लेने की बात समझ से परे है।
पिंकी पाठक के अनुसार संबंधित मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उनका कहना है कि उनके अधिवक्ता ने भी अधिकारियों से निर्माण कार्य रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कराया गया। उन्होंने आशंका जताई कि मामले में सवाल उठाने के कारण उन्हें भविष्य में अन्य तरीकों से भी परेशान किया जा सकता है।
पीड़िता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने और न्याय दिलाए जाने की मांग की है। फिलहाल मामले को लेकर नगर निगम की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।













