बरेलीः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली दौरे की शुरुआत शहर की सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने के साथ की. पुलिस लाइन में उतरने के बाद वह सीधे जीआईसी ऑडिटोरियम पहुंचे, जहां प्रख्यात कथावाचक और ‘राधेश्याम रामायण’ के रचयिता पंडित राधेश्याम की प्रतिमा का अनावरण किया. इस दौरान स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत बने जीआईसी ऑडिटोरियम का नाम बदलकर ‘पंडित राधेश्याम स्मृति भवन’ करने की घोषणा की गई.
साहित्यकार पंडित राधेश्याम के योगदान को नमन किया. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और लोक परंपरा को समृद्ध बनाने में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. जिला प्रशासन ने उनकी स्मृति को स्थायी बनाने के उद्देश्य से ऑडिटोरियम परिसर में प्रतिमा स्थापित कराई है.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पंडित राधेश्याम के परिजनों से भी मुलाकात की. उनकी पौत्री शारदा भार्गव ने इसे परिवार के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए मुख्यमंत्री और प्रदेश सरकार का आभार जताया. पंडित राधेश्याम का जन्म 25 नवंबर 1890 को बरेली के बिहारीपुर में हुआ था. उनकी रचित ‘राधेश्याम रामायण’ ने हिंदी साहित्य और लोकनाट्य परंपरा को नई पहचान दिलाई.
प्रतिमा अनावरण के बाद मुख्यमंत्री ने सभागार में मौजूद जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया. कार्यक्रम के लिए लगभग 15 मिनट का समय निर्धारित था, लेकिन मुख्यमंत्री निर्धारित समय से अधिक देर तक मौजूद रहे.
इसके बाद मुख्यमंत्री सर्किट हाउस पहुंचे, जहां उन्होंने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के पुराने और नए कार्यों की मंडलीय समीक्षा की. अधिकारियों से विकास परियोजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और लंबित कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए. इसके साथ ही उन्होंने मंडल की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए.
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरे दिन प्रशासनिक अमला अलर्ट रहा. कार्यक्रम स्थलों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे.













