एल्गो ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर लोगों को बनाता था शिकार, 31 लाख रुपये होल्ड
बरेली। शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच देकर करीब 49.43 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को साइबर क्राइम थाना पुलिस ने देहरादून से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से लैपटॉप, डेबिट कार्ड, चेकबुक, मोबाइल, मोहरें और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस ने ठगी की रकम में से 31 लाख रुपये होल्ड भी करा दिए हैं।
पुलिस के अनुसार रोयल पार्क डेंटल कॉलेज निवासी आलोक दुबे ने 8 जून को साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके पास एक कॉल आई थी, जिसमें उन्हें शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के जरिए अच्छा मुनाफा कमाने का झांसा दिया गया। इसके बाद व्हाट्सएप पर लिंक भेजकर एसएमसी ब्रोकिंग नाम का ऐप डाउनलोड कराया गया और केवाईसी पूरी कराई गई।
शिकायतकर्ता ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच करीब 20 ट्रांजेक्शन में 49.43 लाख रुपये जमा कर दिए। बाद में 15 प्रतिशत कमीशन और 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर भी रकम ली गई। जब उन्होंने अपना पैसा वापस मांगा तो ऑडिट और ऐप अपडेट का बहाना बनाकर टाल दिया गया।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने 31 लाख रुपये होल्ड कराए और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी सचिन कुमार को देहरादून के सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने एसएमसी ब्रोकिंग और स्टार्ट इन्वेस्टमेंट के नाम से फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट तैयार की थीं। लोगों से निवेश के नाम पर पैसा लेकर वह रकम को विभिन्न ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए क्रिप्टोकरेंसी में बदल देता था। बाद में ट्रस्ट वॉलेट में यूएसडीटी के रूप में राशि रखकर हवाला के माध्यम से नकदी हासिल कर लेता था।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक खातों के आधार कार्ड में पता बदलवाकर उनका इस्तेमाल करता था, ताकि पुलिस तक आसानी से पहुंच न सके। उसके खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज होने की जानकारी मिली है।
पुलिस ने आरोपी के पास से आठ डेबिट कार्ड, आठ चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, जियो राउटर, पासबुक, मोहरें, दस्तावेज और अन्य सामान बरामद किया है। मामले में पहले से दर्ज धाराओं के साथ अन्य धाराओं की भी बढ़ोतरी की गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।
एसएसपी के निर्देशन में हुई कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, कपिल राघव समेत साइबर क्राइम टीम के अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।













