हिस्ट्रीशीटर घोषित होने के कुछ दिन बाद पुलिस के हत्थे चढ़ा सुरकेश, पेशी के दौरान वकीलों और पुलिस में तीखी नोकझोंक
बरेली। पुलिस को लंबे समय से चुनौती दे रहा 25 हजार रुपये का इनामी और हाल ही में हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया बर्खास्त सिपाही सुरकेश शर्मा आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। भमोरा थाना पुलिस ने रंगदारी के एक नए मुकदमे में कार्रवाई करते हुए सुरकेश शर्मा, उसकी अधिवक्ता पत्नी कृतिका शर्मा और उसके साथी ओमवीर को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को कोर्ट में पेशी के दौरान मामला और गरमा गया, जब गिरफ्तारी को लेकर वकीलों ने कड़ा विरोध जताते हुए हंगामा कर दिया।
पुलिस के मुताबिक सुरकेश शर्मा पर पहले से 17 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। चंदौली में तैनाती के दौरान वह बर्खास्त किया गया था और लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस की कई टीमें उसकी तलाश में जुटी थीं, लेकिन वह लगातार गिरफ्तारी से बचता रहा। हाल ही में उसे हिस्ट्रीशीटर घोषित किया गया था और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित था।
सुबह-सुबह दबिश, भागने का मौका नहीं मिला
एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत शुक्रवार सुबह करीब सवा छह बजे पुलिस ने उसे धर दबोचा। पुलिस का दावा है कि सुरकेश लंबे समय से कानून की पकड़ से बचने की कोशिश कर रहा था, लेकिन इस बार उसकी सारी चालें नाकाम हो गईं।
कोर्ट में पेशी के दौरान बढ़ा तनाव
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को जब कोर्ट में पेश किया गया तो अधिवक्ता कृतिका शर्मा की गिरफ्तारी को लेकर वकीलों ने नाराजगी जताई। देखते ही देखते माहौल गरमा गया और पुलिस तथा अधिवक्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ा कि कोर्ट ने भमोरा थाना प्रभारी पवन कुमार को तलब कर बंद कमरे में उनसे पूछताछ की।
कभी खाकी पहनता था, अब अपराधी के तौर पर पहचान
एक समय पुलिस विभाग का हिस्सा रहा सुरकेश शर्मा अब अपराध जगत में अपनी अलग पहचान बना चुका है। हिस्ट्रीशीटर घोषित होने और लगातार बढ़ते मुकदमों के बाद उसकी गिरफ्तारी को पुलिस बड़ी सफलता मान रही है। वहीं कोर्ट परिसर में हुए हंगामे के बाद पूरे घटनाक्रम की चर्चा दिनभर होती रही।
जिस व्यक्ति ने कभी कानून लागू करने की जिम्मेदारी निभाई, आज वही कानून के शिकंजे में है। सुरकेश की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह संदेश दिया है कि लंबे समय तक फरार रहने वाले अपराधी भी आखिरकार कानून से बच नहीं सकते।













