बरेली: ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सीटवार बुकिंग कर पर्यटक परमिट (AITP) बसों को नियमित बस सेवा की तरह चलाने वालों पर परिवहन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. बरेली संभाग में मंगलवार को चलाए गए विशेष अभियान में 222 वाहनों की जांच की गई. इनमें 42 वाहनों का चालान किया गया, 17 वाहनों को बंद कराया गया और करीब 7.17 लाख रुपये की वसूली की गई. अभियान का मकसद उन बसों पर लगाम लगाना था जो पर्यटक परमिट लेकर यात्रियों को स्टेज कैरिज की तरह ढो रही थीं.

परिवहन आयुक्त के निर्देश पर बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में एक साथ कार्रवाई की गई. संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रणव झा के निर्देशन में RTO और रोडवेज अधिकारियों की संयुक्त टीम ने बस स्टैंड, हाईवे, बाईपास और संवेदनशील स्थानों पर सघन चेकिंग की. जांच के दौरान कई बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करती मिलीं.

बरेली में सबसे ज्यादा कार्रवाई
बरेली जिले में 90 वाहनों की जांच की गई. इनमें 15 वाहनों का चालान किया गया और 8 वाहनों को निरुद्ध कर दिया गया. विभाग ने 1.69 लाख रुपये प्रशमन शुल्क और 56 हजार रुपये कर व शुल्क के रूप में वसूले. एक मामला मोटरयान अधिनियम की धारा-86 के तहत आगे की कार्रवाई के लिए भेजा गया.
शाहजहांपुर में भी सख्ती
शाहजहांपुर में 59 वाहनों की जांच के दौरान 15 वाहनों का चालान किया गया और 2 वाहन बंद कराए गए. यहां सबसे अधिक 2.17 लाख रुपये प्रशमन शुल्क और 39 हजार रुपये कर व शुल्क वसूला गया.
पीलीभीत और बदायूं में भी पकड़ी गईं गड़बड़ियां
पीलीभीत में 36 वाहनों की जांच में 7 चालान और 4 वाहन बंद किए गए. यहां 97 हजार रुपये प्रशमन शुल्क और 60 हजार रुपये कर वसूला गया. एक मामला धारा-86 के तहत भेजा गया.
बदायूं में 37 वाहनों की जांच हुई. 5 वाहनों का चालान और 3 वाहन निरुद्ध किए गए. यहां 45 हजार रुपये प्रशमन शुल्क और 34 हजार रुपये कर वसूला गया. चार मामलों को धारा-86 के तहत कार्रवाई के लिए भेजा गया.
आखिर क्या है नियम?
अखिल भारतीय पर्यटक परमिट (AITP) बसों को केवल पर्यटक समूहों के लिए चलाने की अनुमति होती है. इन्हें नियमित यात्री बस सेवा की तरह सीट-सीट बेचकर संचालन करने की इजाजत नहीं होती. लेकिन कई बस संचालक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए टिकट बुकिंग कर सामान्य यात्रियों को ढो रहे थे. इससे न केवल परमिट नियमों का उल्लंघन हो रहा था बल्कि रोडवेज और सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ रहा था.
आगे भी जारी रहेगा अभियान
संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रणव झा ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा, वैध परिवहन व्यवस्था और राजस्व संरक्षण के लिए ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे. जो वाहन परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
एक नजर में अभियान
जांचे गए वाहन : 222
चालान : 42
निरुद्ध वाहन : 17
प्रशमन शुल्क वसूली : ₹5.28 लाख
कर/शुल्क वसूली : ₹1.89 लाख
धारा-86 के तहत भेजे गए मामले : 6
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से उन बस संचालकों में हड़कंप मचा है जो पर्यटक परमिट की आड़ में नियमित यात्री सेवा चला रहे थे. अब विभाग साफ कर चुका है कि नियमों से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.













