बरेली। भोजीपुरा थाना क्षेत्र में बिना लाइसेंस सिक्योरिटी एजेंसी चलाने का बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस के निरीक्षण अभियान के दौरान एक निजी संस्थान में तैनात सुरक्षा गार्डों से पूछताछ की गई तो एजेंसी की हकीकत खुलकर सामने आ गई। जांच में वैध लाइसेंस न मिलने पर पुलिस ने एजेंसी संचालक समेत संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक थाना भोजीपुरा में तैनात उपनिरीक्षक मनोहर सिंह क्षेत्र में कार्यरत निजी सुरक्षा कर्मियों के सत्यापन और निरीक्षण अभियान पर थे। इसी दौरान दोहना स्थित सिद्धि विनायक इंस्टीट्यूट में तैनात सुरक्षा कर्मियों से जानकारी ली गई। पूछताछ में सुरक्षा गार्ड अमरपाल सिंह ने बताया कि वह देव सिक्योरिटी एजेंसी के माध्यम से ड्यूटी कर रहा है। इसके बाद पुलिस ने एजेंसी संचालक विजय सिंह से प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी का वैध लाइसेंस मांगा, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में एजेंसी के संचालन संबंधी जरूरी कागजात भी नहीं मिले। इससे पुलिस को बिना लाइसेंस एजेंसी संचालन की पुष्टि हुई।
धोखाधड़ी और सिक्योरिटी एजेंसी एक्ट में केस
पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) तथा प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसियां (विनियमन) अधिनियम-2005 की धारा 4 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक पुष्पेंद्र सिंह को सौंपी गई है।
जिले में चल रही एजेंसियों की होगी जांच
पुलिस सूत्रों का कहना है कि निजी सुरक्षा एजेंसियों के सत्यापन अभियान के दौरान अन्य एजेंसियों की भी जांच की जा रही है। यदि कोई एजेंसी बिना लाइसेंस या नियमों के विपरीत संचालित होती मिली तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। बिना लाइसेंस चल रही एजेंसी में तैनात सुरक्षा गार्ड आखिर कब से विभिन्न संस्थानों में ड्यूटी कर रहे थे और संबंधित संस्थानों ने एजेंसी के दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं की? इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच में तलाशे जा रहे हैं।













