लखनऊ। राजधानी लखनऊ की साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट और ई-SIM रैकेट का बड़ा खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऑपरेशन “CYVAJRA” के तहत एडीसीपी क्राइम किरन यादव के नेतृत्व में की गई।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रवीण श्रीवास्तव और सुमित कुमार रावत के रूप में हुई है। प्रवीण इस गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है, जबकि सुमित सिम कार्ड विक्रेता है। दोनों मिलकर फर्जी तरीके से ई-SIM एक्टिव कर साइबर अपराधियों तक पहुंचाते थे।
जांच में सामने आया कि आरोपी लोगों के KYC का दुरुपयोग कर ई-SIM सक्रिय करते थे। इसके बाद इन्हें टेलीग्राम के जरिए विदेशों में बैठे साइबर ठगों को बेचा जाता था। यह ई-SIM कंबोडिया में सक्रिय साइबर गैंग तक पहुंचते थे, जहां से भारतीय नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का शिकार बनाया जाता था।
पुलिस ने बताया कि इसी नेटवर्क के जरिए एक पीड़ित को सात दिन तक डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर करीब 70 लाख रुपये की ठगी की गई। कार्रवाई के दौरान साइबर पुलिस ने ठगी से जुड़े 35 लाख रुपये फ्रीज भी करा दिए हैं।
छापेमारी में आरोपियों के पास से 105 सिम कार्ड, कई मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। इसके अलावा BYBIT क्रिप्टो वॉलेट में 144 USDT मिलने की भी जानकारी सामने आई है।
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी व्यवस्था नहीं है। यदि कोई खुद को पुलिस, सीबीआई, ईडी या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर वीडियो कॉल पर डराए या पैसे मांगे तो तुरंत पुलिस की मदद लें। साथ ही OTP, QR Code और e-SIM Activation Code किसी भी व्यक्ति के साथ साझा न करें।












