बरेली। बरेली कॉलेज में संविदा एवं अस्थायी कर्मचारियों के वेतन और पदोन्नति को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। कर्मचारियों के बीच प्रसारित एक पत्र में दावा किया गया है कि प्राचार्य द्वारा शासन को भेजे गए जवाब में पहले से ही यह उल्लेख किया गया था कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ईपीएफ और ईएसआई सहित 13,441 रुपये प्रतिमाह तथा तृतीय श्रेणी कर्मचारियों को 14,604 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है।
यह पत्र आईजीआरएस शिकायत संख्या 40015025052714, 40015025052718 एवं 40015025048834 के संबंध में 16 अक्टूबर 2025 को शिक्षा निदेशक को भेजे गए जवाब का हिस्सा बताया जा रहा है।
प्राचार्य ने क्या कहा था
शासन को भेजे गए पत्र में प्राचार्य ने स्पष्ट किया था कि महाविद्यालय में नई नियुक्तियां नहीं की गई हैं। जिन कर्मचारियों को वेतन वृद्धि या पदोन्नति दी गई, वह वरिष्ठता, कार्यकुशलता और कंप्यूटर टेस्ट जैसी प्रक्रिया के आधार पर प्रबंधन समिति के निर्णय से की गई। पत्र में आर्थिक अनियमितता के आरोपों को भी पूरी तरह निराधार बताया गया था। साथ ही यह भी कहा गया कि संविदा और अंशकालिक कर्मचारियों के वेतन के लिए महाविद्यालय को सरकार से कोई बजट या अनुदान प्राप्त नहीं होता। कर्मचारियों का वेतन कॉलेज अपने सीमित संसाधनों और छात्र-छात्राओं से प्राप्त शुल्क से वहन करता है।
कर्मचारियों की अपील
पत्र साझा करते हुए कर्मचारियों की ओर से कहा गया है कि जून में दायर शपथपत्र में भी 13,441 रुपये वेतन का ही उल्लेख था। उनका आरोप है कि कुछ लोग कर्मचारियों को यह कहकर भ्रमित कर रहे हैं कि वेतन वृद्धि रुक गई है, जबकि प्रबंधन पहले से यही वेतन दिए जाने का दावा करता रहा है।
कर्मचारियों ने कहा कि वेतन वृद्धि और अन्य मांगों को लेकर संघर्ष जारी है तथा सभी कर्मचारियों से एकजुट रहने की अपील की गई है। उनका कहना है कि बिना एकता के कर्मचारियों की मांगों का समाधान संभव नहीं होगा।












