फर्जी मार्कशीट कांड में अब संपत्ति जब्ती की मांग

सुनने के लिए यहां क्लिक करें

खुसरो कॉलेज के छात्रों ने एसीएम प्रथम को सौंपा ज्ञापन, बोले- कार्रवाई चिन्हित संपत्तियों तक ही सीमित न रहे

बरेली। खुसरो कॉलेज में डी.फार्मा की पढ़ाई करने वाले छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन पर फर्जी मार्कशीट देने का आरोप लगाते हुए अब कथित तौर पर चिन्हित संपत्तियों की जब्ती की मांग उठाई है। शनिवार को छात्रों ने अपर नगर मजिस्ट्रेट (प्रथम) को शिकायती पत्र सौंपकर खुसरो कॉलेज के एमडी शेर अली जाफरी और उनके बेटे समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कराने की मांग की।

छात्रों का आरोप है कि उन्होंने वर्ष 2020 में खुसरो कॉलेज में दो वर्षीय डी.फार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। पाठ्यक्रम पूरा होने के बाद कॉलेज की ओर से उन्हें मार्कशीट दी गई। लखनऊ में फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया में पंजीकरण कराने पहुंचे छात्रों को कथित तौर पर पता चला कि कॉलेज से मिली मार्कशीट फर्जी हैं। छात्रों ने इसकी शिकायत कॉलेज के एमडी से की तो उन्हें धमकाने का आरोप लगाया।

शिकायती पत्र के मुताबिक, इसके बाद छात्रों ने सीबीगंज थाने और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत की। छात्रों का दावा है कि पुलिस जांच में मार्कशीट फर्जी पाए जाने के बाद शेर अली जाफरी, उनके बेटे फिरोज अली जाफरी और अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई तथा उन्हें जेल भेजा गया। बाद में गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई किए जाने का छात्रों ने उल्लेख किया है।

चिन्हित संपत्ति बेचने का आरोप

छात्रों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान शेर अली जाफरी की कई संपत्तियां चिन्हित की गई थीं। इनमें सीबीगंज स्थित खुसरो पीजी कॉलेज, इंटर कॉलेज, आईटीआई और डिग्री कॉलेज, मिनी बाईपास स्थित रेस्टोरेंट, पीलीभीत के बाकरगंज स्थित खुसरो डिग्री कॉलेज, अट्टा के पास फार्म हाउस, लखनऊ के टेढ़ी पुलिया के पास फ्लैट और बदायूं के वजीरगंज क्षेत्र स्थित खुसरो डिग्री कॉलेज शामिल हैं। छात्रों का कहना है कि इनमें से बदायूं के वजीरगंज स्थित कॉलेज को बेच दिए जाने का आरोप है। उनका कहना है कि यदि संपत्ति पहले ही चिन्हित थी तो उसके हस्तांतरण की जांच कराकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

डीएम और मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत का दावा

छात्रों ने कहा कि वे मामले में जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। उनका कहना है कि फर्जी मार्कशीट प्रकरण से उनका शैक्षिक भविष्य प्रभावित हुआ है। छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि मामले में चिन्हित संपत्तियों की स्थिति की जांच कर उन्हें जल्द जब्त किया जाए और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन देने वालों में मोहम्मद इमरान, रामजीत यादव, दीपक गंगवार, महेश राठौर, दीपक कुमार, मोहम्मद सोहेल और धर्मेंद्र मौर्य समेत अन्य छात्र शामिल रहे।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Rashifal

और पढ़ें