बरेली। गांव की महिलाओं के हाथों तैयार हो रहे घरेलू सामान अब सरकारी दफ्तरों और स्कूलों तक पहुंचेंगे। स्वयं सहायता समूहों की मेहनत को बाजार देने के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। मंगलवार को जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने विभिन्न महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों का अवलोकन किया और उनकी बिक्री बढ़ाने के निर्देश दिए।
आटा मांडा में नव स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार फिनाइल, डिशवॉश, टॉयलेट क्लीनर, हैंडवॉश और दोना-पत्तल देखकर डीएम ने गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने महिलाओं को उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
पीपलसाना चौधरी के जय श्री बाला जी स्वयं सहायता समूह की विमला देवी ने बैटरी का पानी दिखाया। समूह जल्द आरओ मिनरल वाटर भी तैयार करेगा। डीएम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी को जरूरी लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए। साथ ही स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और अन्य संस्थानों में समूह के मिनरल वाटर की आपूर्ति कराने के लिए प्रोत्साहित किया।
बच्चों के दूध में चीनी की जगह शहद
बहेड़ी की सुशीला देवी के हनी स्वयं सहायता समूह का शहद भी डीएम ने देखा। उन्होंने निर्देश दिए कि बुधवार को स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले दूध में चीनी की जगह शहद का इस्तेमाल करने की संभावना पर काम किया जाए। इससे समूह की महिलाओं के शहद को भी बाजार मिलेगा।
डीएम ने कहा कि समूहों के उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए क्षेत्रवार वितरकों की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थायी बाजार मिलेगा और उनकी आमदनी बढ़ेगी।














