सोशल मीडिया पर खूब बटोर रहे प्यार, यूपी पुलिस के थ्री स्टार
(अमित शर्मा) लखनऊ/ बरेली । ” फ़र्ज़ की राह में जिनके कदम कभी डगमगाए नहीं, मुश्किलों के आगे जिनके हौसले झुक पाए नहीं।
वर्दी को जिन्होंने सिर्फ़ लिबास नहीं, ज़िम्मेदारी माना,
अपने कर्मों से तिरंगे का मान बढ़ाया, देश ने जिन्हें पहचाना। जिनकी कर्तव्यनिष्ठा पर आज नाज़ करता सारा जमाना ” उत्तर प्रदेश पुलिस की सेवा में कर्तव्यनिष्ठा, दक्षता और नेतृत्व की मिसाल कायम करने वाले तीन आईपीएस अधिकारियों को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रतिष्ठित पुलिस पदकों से सम्मानित किया गया। खास बात यह है कि इन तीनों अधिकारियों का बरेली से गहरा सेवा-संबंध रहा है। अलग-अलग पदों पर रहते हुए उन्होंने जिले में अपनी कार्यशैली, निर्णय क्षमता और व्यवहार की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे आज भी याद किया जाता है।
1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और डीजी होमगार्ड डीके ठाकुर को पुलिस सेवा में उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से सम्मानित किया गया। लंबे और शानदार सेवाकाल में उनके नेतृत्व तथा उत्कृष्ट कार्यों को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना। डीके ठाकुर बरेली में आईजी के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। वहीं 1995 बैच के आईपीएस अधिकारी एवं अपर पुलिस महानिदेशक, मानवाधिकार विभाग, उत्तर प्रदेश राजकुमार कुरील को मानवाधिकार के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाओं तथा सफल कार्यकाल के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से अति उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया। कुरील भी बरेली में एडीजी के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा चुके हैं। इसी क्रम में मुरादाबाद के डीआईजी मुनिराज जी को स्वतंत्रता दिवस 2026 के अवसर पर पुलिस वीरता पदक (गैलेंट्री मेडल) से नवाजा गया। मुनिराज जी ने भी बरेली में डीआईजी के रूप में सेवाएं दी हैं। उनके कार्यकाल में पुलिसिंग को लेकर अपनाई गई सख्ती और संवेदनशीलता दोनों की चर्चा रही। तीनों अधिकारियों के सम्मान की खबर से बरेली में भी खुशी की लहर है। समाजसेवी अशोक आहूजा ने तीनों अधिकारियों से अपने पुराने जुड़ाव और आत्मीय संबंधों को याद करते हुए फोन पर उन्हें बधाई दी। स्वतंत्रता दिवस पर मिले इन सम्मानों ने जहां तीनों अधिकारियों की उपलब्धियों पर राष्ट्रीय मुहर लगाई, वहीं बरेली से जुड़े उनके सेवाकाल की स्मृतियों को भी ताजा कर दिया।














