बरेली। आला हजरत इमाम अहमद रजा खां फाजिले बरेलवी का 108वां उर्स-ए-रजवी शनिवार को कुल शरीफ की रस्म के साथ संपन्न हो गया। मदरसा जामियातुर्रजा में दोपहर 2:38 बजे आला हजरत के कुल की रस्म अदा की गई। इस दौरान देश-विदेश से पहुंचे जायरीनों ने शिरकत की और अमन-चैन की दुआ की।
उर्स की सभी रस्में दरगाह ताजुशरिया के सज्जादानशीन काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती मोहम्मद असजद रजा खां कादरी (असजद मियां) की सरपरस्ती में हुईं। जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उर्स प्रभारी सलमान मियां की अध्यक्षता तथा राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां की निगरानी में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
फज्र की नमाज के बाद मदरसा जामियातुर्रजा में कुरानख्वानी और नात-ओ-मनकबत की महफिल हुई। सुबह 10 बजे मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत कारी शर्फोद्दीन ने कुरान की तिलावत से की। नातख्वानों ने आला हजरत की शान में कलाम पेश किए। देश-विदेश से आए उलमा और सज्जादानशीनों ने आला हजरत की जिंदगी और उनके धार्मिक योगदान पर रोशनी डाली।
कुल शरीफ की रस्म के बाद कारी शर्फोद्दीन और कारी फैजु नबी ने फातिहा पढ़ी। इसके बाद अल्लामा मुहद्दिस-ए-कबीर जिया उल मुस्तफा और काजी-ए-हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां ने देश में अमन-चैन, भाईचारे और तरक्की के लिए दुआ की। कार्यक्रम का संचालन मौलाना गुलजार ने किया।
लंगर कमेटियों ने की जायरीनों की खिदमत
उर्स के दौरान शहर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में लंगर कमेटियों ने जायरीनों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था की। आयोजकों के मुताबिक लाखों जायरीनों को खाना, पानी, शरबत और चाय उपलब्ध कराई गई। कई कमेटियों ने 24 घंटे लंगर चलाया। वालंटियरों ने सफाई व्यवस्था में भी सहयोग किया। जमात रजा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां और राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने गुंसा, सानिया रानी, बिधौलिया, केशवपुर, तिलियापुर, पूरनपुर, अलीगंज, फतेहगंज, मुरादाबाद, अलावा और सीबीगंज समेत अन्य लंगर कमेटियों का आभार जताया।
ऑनलाइन भी जुड़े जायरीन
उर्स का तीनों दिन ऑनलाइन प्रसारण भी किया गया। जमात रजा के आईटी सेल प्रभारी अतीक अहमद ने बताया कि फेसबुक और यूट्यूब के माध्यम से देश-विदेश के जायरीन कार्यक्रम से जुड़े। जो लोग बरेली नहीं आ सके, उन्होंने घर से ही ऑनलाइन उर्स में शिरकत की।














