सदर से लेकर बहेड़ी, नवाबगंज और फरीदपुर तक जमीन की सरकारी कीमत बढ़ाने का प्रस्ताव, कई गांव विकासशील श्रेणी में शामिल
बरेली। जिले में जमीन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों की जेब पर जल्द ही अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है। वर्ष 2026-27 की नई मूल्यांकन दर सूची में जिले के कई इलाकों में जमीन के सरकारी रेट पांच से 20 फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। कुछ औद्योगिक गलियारे से जुड़े गांवों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव इससे भी अधिक है। नई दरें लागू होने पर जमीन की रजिस्ट्री के दौरान स्टांप और पंजीकरण शुल्क भी बढ़ सकता है।
इस बारे में एआईजी स्टांप पूर्णिमा सिंह ने बताया सदर प्रथम और सदर द्वितीय क्षेत्र में जमीन की दरों में सबसे ज्यादा बदलाव प्रस्तावित हैं। सदर प्रथम में अकृषक भूमि की दर में 20 फीसदी, कृषि भूमि में 12 फीसदी और वाणिज्यिक एकल भूमि में औसतन 10 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। वाणिज्यिक भवनों के कारपेट रेट में करीब पांच फीसदी और निर्माण दर में 10 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
सदर द्वितीय में कृषि, अकृषक और वाणिज्यिक भूमि की दरों में शून्य से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। व्यावसायिक भवनों के कारपेट रेट में भी 16 फीसदी तक वृद्धि प्रस्तावित की गई है।
बहेड़ी में 15 फीसदी तक बढ़ेंगे रेट
बहेड़ी क्षेत्र में कृषि और अकृषक भूमि की दरों में पांच से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। वाणिज्यिक एकल भूमि की दर में औसतन 10 फीसदी और सड़क किनारे अकृषक व वाणिज्यिक भूमि की दर में 15 फीसदी तक वृद्धि का प्रस्ताव है। कठर्रा, फरीदपुर और दमखोदा को विकासशील गांवों की श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव है।
नवाबगंज के गांवों पर भी बढ़ा सरकारी रेट
नवाबगंज में जमीन की दरों में पांच से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। सड़क किनारे जमीन के रेट में औसतन 10 से 15 फीसदी तक वृद्धि का प्रस्ताव है। बढ़ती आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियों को देखते हुए औरंगाबाद, ज्योरामकरनपुर, धौरेरा, बीजामऊ, बघुआ और लाडपुर उस्मानपुर समेत कई गांवों को विकासशील श्रेणी में शामिल करने का प्रस्ताव है। बथुआ और ज्योरामकरनपुर को नगर पालिका सीमा से दो किलोमीटर के दायरे में अर्द्धनगरीय क्षेत्र में शामिल करने का भी प्रस्ताव है।
औद्योगिक गलियारे में 25 फीसदी तक बढ़ोतरी
आंवला क्षेत्र में सामान्य तौर पर कृषि, अकृषक और वाणिज्यिक भूमि की दरों में करीब 10 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। औद्योगिक गलियारे से जुड़े गांवों में दरों में खास बदलाव किया गया है। 10 गांवों में कृषि भूमि की दर में करीब 10 फीसदी और अन्य नौ गांवों में करीब 25 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। भोजीपुरा में कृषि भूमि की दर पांच फीसदी तक बढ़ाने का प्रस्ताव है।
फरीदपुर के 23 गांव विकासशील श्रेणी में
फरीदपुर में कृषि और अकृषक भूमि की दरों में पांच से 20 फीसदी तक और वाणिज्यिक एकल भूमि में 10 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। क्षेत्र के 23 राजस्व गांवों को विकासशील गांव की श्रेणी में शामिल किया गया है। हालांकि व्यावसायिक भवनों के कारपेट रेट में कोई बढ़ोतरी प्रस्तावित नहीं है।
सड़क से 25 मीटर तक लागू होगा नया रेट
मीरगंज में अकृषक और वाणिज्यिक भूमि की दरों में करीब 10 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी प्रस्तावित है। चिन्हित मार्गों पर सड़क से लगी जमीन के लिए नया रेट 25 मीटर तक प्रभावी होगा। 25 से 50 मीटर तक की जमीन पर सड़क की दर का 50 फीसदी या मोहल्ले की दर, जो अधिक होगी, लागू करने का प्रस्ताव है।
शहर के इन मोहल्लों में भी बढ़ेगा सरकारी रेट
मोहल्ला पुराना रेट प्रस्तावित नया रेट
राजेंद्र नगर में 47,000 से 54,000
दीनदयाल पुरम में 73,000 से 84,000
प्रेमनगर में 46,000 से 54,000
जनकपुर में 45,000 से 52,000
एकता नगर में 43,000 से 51,000
उदयपुर खास में 39,000 से 45,000
रेजीडेंसी गार्डन में 39,000 से 44,000
अभी अंतिम नहीं हुई दरें: नई मूल्यांकन दर सूची फिलहाल प्रस्तावित है। सक्षम स्तर से मंजूरी और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नई दरें लागू होंगी। दरें लागू होने पर जमीन की खरीद-बिक्री में स्टांप शुल्क और पंजीकरण का खर्च भी बढ़ना तय माना जा रहा है।














