बरेली। त्योहारों से पहले चीनी के बढ़ते दाम और जमाखोरी की आशंका को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। सोमवार को जिला आपूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह और डिप्टी आरएमओ अतुल कुमार वशिष्ठ की संयुक्त टीम ने श्यामगंज स्थित चीनी मंडी में कई गोदामों और प्रतिष्ठानों पर छापामारी की। टीम ने गोदामों में रखे चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने के साथ ही स्टॉक से संबंधित कागजात भी जांचे।
प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि कहीं बाजार में चीनी की कृत्रिम कमी पैदा कर कीमतें बढ़ाने के लिए जमाखोरी तो नहीं की जा रही। फिलहाल व्यापारियों ने कालाबाजारी और जमाखोरी के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि चीनी की आपूर्ति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।
जिला आपूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने बताया कि जिले में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता है। लोगों को चीनी की कमी से जुड़ी किसी भी अफवाह पर ध्यान देने की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि थोक व्यापारियों को निर्धारित सीमा में ही चीनी का भंडारण करने के निर्देश दिए गए हैं। कोई भी थोक व्यापारी 400 मीट्रिक टन यानी चार हजार क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक नहीं रख सकेगा। बरेली में सोमवार को चीनी का थोक भाव करीब 61 रुपये प्रति किलो बताया गया। प्रशासन की छापामारी को त्योहारों के दौरान कीमतों पर नियंत्रण और चीनी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कवायद से जोड़कर देखा जा रहा है।
जिला आपूर्ति अधिकारी मनीष कुमार सिंह ने कहा कि जिले में चीनी की कोई कमी नहीं है। स्टॉक और अभिलेखों की जांच लगातार जारी रहेगी। जमाखोरी या कालाबाजारी सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।














