26,883 समूह बनाने में ढिलाई नहीं चलेगी, खराब प्रदर्शन पर कार्रवाई; 55,489 महिलाओं को बनाया जाएगा कमाई का मजबूत जरिया
बरेली। गांव की महिलाओं को लखपति बनाने की सरकारी मुहिम अब अगले पड़ाव पर पहुंचाने की तैयारी है। प्रशासन ने लक्ष्य बढ़ाते हुए ऐसी महिलाओं की आमदनी को करोड़ों तक पहुंचाने की दिशा में काम करने का फैसला किया है। इसके लिए सिर्फ स्वयं सहायता समूह बनाकर खानापूरी नहीं होगी, बल्कि समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए कमाई के नए रास्ते तलाशने और आजीविका के मॉडल तैयार करने पर जोर रहेगा।
रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि जिले में 1,23,762 समूह सदस्यों की आय बढ़ाने पर काम किया जाना है। डीएम ने अधिकारियों को साफ संकेत दिया कि कागजों पर समूहों की संख्या बढ़ाने के बजाय महिलाओं की आमदनी बढ़ने का असर जमीन पर दिखना चाहिए।
26,883 समूह का लक्ष्य, अब महीने का हिसाब देना होगा
वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले में 26,883 स्वयं सहायता समूह बनाने का लक्ष्य है। डीएम ने बीडीओ को लक्ष्य महीनेवार बांटकर कार्ययोजना बनाने को कहा है। सचिवों के काम की नियमित समीक्षा होगी। लगातार खराब प्रदर्शन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। पंचायत सहायकों, कोटेदारों, सचिवों और एडीओ को भी समूह गठन की जिम्मेदारी में लगाया जाएगा। बीएमएम की दैनिक प्रगति रिपोर्ट पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
55 हजार महिलाएं लखपति बनने की कतार में
जिले में 55,489 संभावित लखपति दीदियों की पहचान हो चुकी है। अब बाकी महिलाओं का चिन्हीकरण पूरा कराने के साथ उनकी आय बढ़ाने के लिए स्थानीय जरूरत और बाजार के हिसाब से आजीविका मॉडल तैयार किए जाएंगे। कृषि के साथ पशुपालन, प्रसंस्करण, छोटे कारोबार और दूसरी गैर-कृषि गतिविधियों से महिलाओं को जोड़ने पर जोर रहेगा।
बैंक अटका तो लगेगा विशेष कैंप
समूहों के बैंक खाते खुलने में आ रही अड़चन भी अधिकारियों के लिए चुनौती बनी हुई है। भदपुरा और मीरगंज में ज्यादा मामले लंबित मिलने पर डीएम ने बीडीओ और बैंक प्रतिनिधियों को समन्वय सुधारने के निर्देश दिए। हर ब्लॉक में विशेष शिविर लगाकर बैंक से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान कराया जाएगा। अब प्रशासन की परीक्षा समूहों की संख्या नहीं, इनसे जुड़ी महिलाओं की बढ़ी हुई आमदनी से होगी।














