पुनर्जीवन की मुहिम में जलस्रोतों से लेकर हरित पट्टी तक पर फोकस,जनभागीदारी से बदलेगी तस्वीर
बरेली। नकटिया नदी को फिर से उसकी रवानी लौटाने की मुहिम अब महज सफाई अभियान तक सीमित नहीं रहेगी। नदी के पुनर्जीवन के साथ बरेली के पर्यावरणीय निजाम को मजबूत करने की तैयारी है। विधायक राघवेन्द्र शर्मा के साथ हुई मंथन बैठक में नदी की प्राकृतिक धारा बहाल करने, गंदे पानी की आमद रोकने और बारिश के पानी को सहेजकर भूजल रिचार्ज बढ़ाने पर खास जोर दिया गया। नदी के किनारों को हरित पट्टी के तौर पर विकसित करने, पौधरोपण बढ़ाने और जैव विविधता को फिर से आबाद करने की संभावनाएं भी तलाशी गईं। छावनी परिषद की सीईओ डॉ. तनु जैन ने नकटिया को बरेली की कुदरती विरासत बताते हुए विभागों के बीच बेहतर तालमेल और अवाम की भागीदारी को जरूरी बताया। मुहिम में पुराने तालाबों और दूसरे जलस्रोतों को भी जोड़ने की तैयारी है। मकसद साफ है—पानी की बर्बादी पर लगाम, भूजल स्तर में इजाफा और शहर को साफ-सुथरा माहौल देना। नकटिया का कायाकल्प हुआ तो यह सिर्फ एक नदी की जिंदगी लौटना नहीं होगा, बल्कि बरेली के पर्यावरण को नई रफ्तार देने वाला अहम कदम साबित होगा ।














